भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को मुंबई में फार्मा‑मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई प्रमुख क्षेत्रों के उद्योगपतियों से मिलकर राज्य में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निवेश आकर्षित करने के लिए किया गया है।
बैठक की रूप‑रेखा
मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन‑टू‑वन चर्चा करने का प्रस्ताव रखा। इन व्यक्तिगत बैठकों में निवेश प्रस्तावों के साथ कंपनियों की विशिष्ट जरूरतें, विस्तार योजनाएँ और आवश्यक सरकारी समर्थन पर विस्तृत वार्ता होगी। मुंबई दौरे का मुख्य फोकस केवल बड़े निवेश को सुरक्षित करना नहीं, बल्कि राज्य में तैयार हो रहे सेक्टर‑स्पेसिफिक औद्योगिक पार्कों को उन उद्योगों से जोड़ना है।
प्रस्तावित औद्योगिक पार्क
- ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
- नर्मदापुरम का बाबई मोहासा रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन
- धार का पीएम मित्र पार्क
- उज्जैन का मेडिकल डिवाइसेज पार्क
इन पार्कों को उद्योग समूहों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा ताकि निवेशकों को तैयार बुनियादी ढाँचा और सुविधाएँ दिखा सकें। विशेष रूप से उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क की संभावनाओं को राउंडटेबल मीटिंग में उजागर किया गया, जहाँ फार्मा और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग के विकास पर चर्चा हुई।
सरकार का लक्ष्य इन औद्योगिक क्लस्टरों को राज्य के आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करना है, जिससे बड़े उद्योगों के सप्लायर, सहायक इकाइयों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के लिए अतिरिक्त अवसर उत्पन्न हों। इस प्रकार, मुंबई में आयोजित इस संवाद से मध्यप्रदेश में निवेश की दिशा में ठोस कदम उठाने की उम्मीद है।

