दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के पूर्व, पुलिस ने विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), वामपंथी दलों, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) तथा कुछ छात्र संगठनों के सदस्य शामिल थे।
सीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी
सीजेपी के प्रमुख नेताओं में पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। यह कदम प्रदर्शन से पहले उठाया गया, जिससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बाधा उत्पन्न हुई।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और अन्य नेता
तृणमूल कांग्रेस के सांसद जॉन ब्रिटास सहित कई सांसदों को भी जंतर-मंतर पहुंचते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनके साथ केके शैलजा, केएन बालगोपाल, वृंदा करात और पीके श्रीमती जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
वामपंथी दलों के वरिष्ठ कार्यकर्ता
मार्क्सवादी-लेनिनवादी कम्युनिस्ट पार्टी (एमए) के केरल इकाई ने बताया कि पार्टी के महासचिव एमए बेबी, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, एमवी गोविंदन मास्टर, ए विजयराघवन तथा अन्य कई कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया।
कुल मिलाकर 20 से अधिक प्रमुख चेहरे, जिनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री, कई सीजेपी के नेता, और कई विपक्षी सांसद शामिल हैं, इस कार्रवाई में शामिल हुए। पुलिस ने यह कदम प्रदर्शन को रोकने के उद्देश्य से उठाया, जबकि विरोध करने वाले समूहों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन के रूप में निंदा की है।
Source: Amar Ujala

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