इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का उद्घाटन
गुरुवार को दिल्ली के यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एशिया के सबसे बड़े डिजिटल टेक्नोलॉजी फोरम, इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) के दसवें संस्करण का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। चार दिवसीय कार्यक्रम का विषय “बिना सीमाओं के विस्तार करना” रखा गया है।
उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में 5G नेटवर्क को समर्थन देने वाले 5.5 लाख से अधिक बेस‑स्टेशन सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में IMC के मंच से 5G सेवा का आधिकारिक लॉन्च हुआ था और 2023 में रोल‑आउट को रीच‑आउट स्तर तक ले जाया गया, जिससे अब देश का हर कोना सुपर‑फास्ट 5G कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है।
डिजिटल कनेक्टिविटी की कीमत में गिरावट को उजागर करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि 2014 में 1 GB डेटा की कीमत लगभग 268 रुपए थी, जबकि अब वही डेटा लगभग 8 रुपए में उपलब्ध है, जिसे उन्होंने विश्व में सबसे कम डेटा मूल्य कहा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रति उपयोगकर्ता डेटा उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे अधिक लोग डिजिटल सेवाओं से जुड़ पाए हैं।
सिंधिया ने 6G एलायंस की प्रगति पर प्रकाश डाला। इस मंच से 90 संस्थान जुड़े हैं और उन्होंने अब तक 7,700 पेटेंट हासिल किए हैं, जिनमें 4,400 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने मोबाइल को “गुड गवर्नेंस” का प्रमुख उपकरण बताया, जिससे नागरिक सीधे सरकारी योजनाओं, डीबीटी और बुनियादी दस्तावेज़ों तक एक क्लिक में पहुंच सकते हैं, और लंबी कतारों की समस्या समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन ने पिछले दशक में डिजिटल डिवाइड को कम किया और तकनीक को आम जनता के हाथों में लाया।
IMC 2026 में प्रस्तुत तकनीकी डेमो
- एआई नेटवर्क
- 6G समाधान
- डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म
- सेल ब्रॉडकास्ट
- सॉवरेन क्लाउड
- टेरेहर्ट्ज़ कम्युनिकेशन
- इंटीग्रेटेड सेंसिंग
इंडिया मोबाइल कांग्रेस ने 2022 के 5G लॉन्च से लेकर 2024 में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन की मेजबानी तक भारत की टेलीकॉम प्रगति को दर्शाया है, और इस वर्ष के मंच से भविष्य की तकनीकी दिशा पर भी चर्चा होगी।

No comments:
Post a Comment