मध्यप्रदेश। रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र में लगभग 28,000 करोड़ रुपये मूल्य का परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। इस योजना के लिए जमीन सर्वेक्षण हेतु भेजी गई ड्रिलिंग मशीनें ग्रामीणों ने वापस लौटा दी हैं और स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने गाँव में परमाणु संयंत्र स्थापित नहीं होने देंगे।
सिरमौर क्षेत्र के सरई कला गांव की ग्रामसभा ने इस परियोजना को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। ग्राम सभा के सदस्यों ने कहा कि उनका विरोध केवल जमीन के सर्वे तक सीमित नहीं है; जल, पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी गहरी चिंता है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि सरकार उन्हें लाड़ली बहना योजना बंद करने या राशन जैसी अन्य सुविधाएँ रोकने को कहे, तो भी वे अपनी जमीन पर परमाणु प्लांट नहीं मानेंगे। उन्होंने सभी योजनाओं के लाभ को छोड़ने की बात कही, परन्तु गाँव की जमीन पर इस बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट को स्वीकार नहीं करेंगे।
परियोजना के लिये जमीन की स्थिति और स्थानीय राय जानने हेतु प्रशासन ने सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू की थी। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से चर्चा के बाद नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने लोगों की चिंताओं और सुझावों को ध्यान में रखने की बात दोहराई।
इस विरोध के चलते प्रोजेक्ट के आगे बढ़ने की संभावनाएँ अब अनिश्चित हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार विरोध जारी रखेंगे जब तक कि उनका गाँव परमाणु ऊर्जा संयंत्र से मुक्त नहीं हो जाता।
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