मानसून ने 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश से अपना मार्ग बदल दिया, फिर भी पूर्वी भाग में सक्रिय चक्रवात और ट्रफ़ की वजह से वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों तक बादलों की आवाज़ाही जारी रहेगी।
शुक्रवार को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर जिलों में बारिश की संभावना है। इन जिलों में हल्की बौछार या झड़ी‑झड़ी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में धूप
भोजन और इंदौर सहित पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और धूप निकलेगी। तापमान में सामान्य वृद्धि की संभावना है, जबकि बारिश का जोखिम कम रहेगा।
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, मौजूदा मौसमी परिस्थितियों का असर 11 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में महसूस किया जाएगा। 10 और 11 अक्टूबर को भी इन क्षेत्रों में बूँदाबाँदी हो सकती है, पर 12 अक्टूबर से साफ़ मौसम का अनुमान है।
कृषि पर संभावित प्रभाव
पूर्वी जिलों में बारिश से सतही मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे फसल की शुरुआती अवस्था में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, पश्चिमी भाग में बारिश की संभावना कम होने के कारण किसानों को रबी फसलों की तैयारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार करनी होगी। बोवनी और सिंचाई के निर्णय लेते समय मौजूदा नमी, वास्तविक बारिश और उपलब्ध जल संसाधनों को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।
- पन्ना
- सतना
- रीवा
- मऊगंज
- सीधी
- सिंगरौली
- मैहर
- शहडोल
- अनूपपुर
Source: Amar Ujala

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