भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश के नागरिकों और मरीजों के लिए आज राहत भरी बड़ी खबर आई है। आयुष्मान भारत योजना के बकाया भुगतान और नियमों को लेकर हड़ताल पर गए करीब 400 निजी अस्पतालों ने सरकार के साथ बातचीत के बाद अपनी हड़ताल पूरी तरह वापस ले ली है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और निजी अस्पताल संचालकों के बीच हुई लंबी बैठक में प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई, जिसके बाद अस्पतालों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं, ओपीडी और नए मरीजों की भर्ती दोबारा शुरू कर दी गई है।
पिछले कुछ दिनों से चल रहे इस गतिरोध के कारण राजधानी के बड़े निजी चिकित्सा संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले हजारों आयुष्मान कार्ड धारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई गंभीर मरीजों के ऑपरेशन टल गए थे और परिजनों को मजबूरी में सरकारी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा था। अस्पताल एसोसिएशन का मुख्य आरोप था कि पिछले कई महीनों से करोड़ों रुपये के मेडिकल क्लेम अटके पड़े थे, जिससे अस्पतालों का दैनिक खर्च और डॉक्टरों का मानदेय निकालना मुश्किल हो रहा था।
सरकार ने इस मामले में दखल देते हुए निजी अस्पतालों की तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं। प्रशासन ने लंबित बिलों के त्वरित सत्यापन और समयबद्ध भुगतान की गारंटी दी है, साथ ही यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में तकनीकी कारणों से क्लेम रोकने की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल गठित करने का फैसला हुआ है, जो अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच आने वाली दिक्कतों का तुरंत निपटारा करेगा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार के सकारात्मक रुख के बाद हड़ताल खत्म करने का औपचारिक ऐलान किया और स्पष्ट किया कि सभी आपातकालीन और सामान्य सेवाएं अब बिना किसी बाधा के चालू रहेंगी। इस फैसले से शहर के गरीब व मध्यम वर्ग के उन परिवारों को सबसे बड़ी राहत मिली है, जो महंगे इलाज के लिए पूरी तरह आयुष्मान कार्ड पर निर्भर हैं।
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