भर्ती की शर्तें और परीक्षा प्रक्रिया
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा और अनिवार्य ट्रेड टेस्ट से गुजरना होगा। आरक्षक (चालक) पद के लिये भारी वाहन चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य बताया गया है, जिससे लिखित परीक्षा के अलावा व्यावहारिक वाहन संचालन कौशल का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
भर्ती नियमों में अभ्यर्थियों को विभिन्न पुलिस इकाइयों और कैडर के विकल्प देने की व्यवस्था शामिल है, जिससे चयनित कर्मियों की तैनाती पुलिस बल की आवश्यकता के अनुसार की जा सकेगी।
पदों का वितरण और अपेक्षित प्रभाव
800 पदों को जिला पुलिस बल में शामिल किया जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस वाहनों के संचालन और मैदानी ड्यूटी के लिये उपलब्ध संसाधनों में वृद्धि होगी। शेष 200 पद विशेष सशस्त्र बल (SAF) के लिये रखे गये हैं, जिससे बल की तैनाती, गश्त और आवश्यकता के समय जवानों को तेज़ी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की क्षमता मजबूत होगी।
पुलिस विभाग ने बताया कि वाहन और चालक की भूमिका केवल आवागमन तक सीमित नहीं है; दुर्घटना, आपात स्थिति या अपराध की सूचना मिलने पर घटनास्थल तक समय पर पहुंचाने में चालक की अहम भूमिका होती है। नियमित गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में संसाधनों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने में भी इन कर्मियों की आवश्यकता है।
भर्ती के माध्यम से प्रशिक्षित चालक चयन कर पुलिस टीम को आपात परिस्थितियों में तेज़ तैनाती और घटनास्थल पर समय पर पहुंचाने की क्षमता प्रदान की जाएगी, जिससे law‑order स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

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