Breaking news

बुंदेलखंड में चीतों का नया आश्रय, वन्यजीव पर्यटन की दिशा में कदम

By |


मध्यप्रदेश ने कूनो और गांधीसागर के बाद अब बुंदेलखंड के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का तीसरा आश्रय स्थापित किया है। इस नई सुविधा के तहत दो चीतों को आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कूनो से लाया जाएगा और रिजर्व में छोड़ा जाएगा।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में लगभग 439 हेक्टेयर में सुरक्षित क्षेत्र तैयार किया गया है। इस क्षेत्र में बाड़े (बोमा) और निरंतर निगरानी के साथ स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था की गई है। वन विभाग चीतों को नई वातावरण में समायोजित होने तक देखरेख करेगा।

रिजर्व में पहले से बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू जैसे प्रमुख वन्यजीव मौजूद हैं। चीतों की उपस्थिति से इन प्रजातियों के साथ पारिस्थितिक संतुलन में सुधार की आशा है और पूरे क्षेत्र के वन्यजीव प्रबंधन को नई दिशा मिलने की संभावना है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव

  • सागर, दमोह और नरसिंहपुर के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की आवक बढ़ सकती है।
  • होटल, रिसॉर्ट, होम‑स्टे, गाइड, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योगों को अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।
  • वन्यजीव पर्यटन के विकास से स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस कदम से मध्यप्रदेश चीतों के संरक्षण में देश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तीन अलग-अलग ठिकानों पर चीतों की पुनर्स्थापना से प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन का नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

No comments:

Post a Comment