मुख्यमंत्री ने कहा, "देशवासियों द्वारा रिजेक्टेड नेता राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, अपनी बी‑टीम सीजेपी के साथ मिलकर दिल्ली को अखाड़ा बनाना चाहते हैं।" उन्होंने यह भी उजागर किया कि सड़कों पर अव्यवस्था से काम पर जाने वाले कर्मचारियों, रोज़ कमाकर परिवार चलाने वाले श्रमिकों और अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, और इस स्थिति की जिम्मेदारी उन नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दी गई है।
गुप्ता ने यह भी रेखांकित किया कि दिल्ली ने विकास के लिए वोट दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि "परिवारवाद और अवसरवाद से ग्रसित दल" इस जनसमर्थन को हजम नहीं कर पा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "दिल्ली बंधक बनाने की छूट नहीं मिलेगी।" उन्होंने यह संकेत दिया कि लोकतंत्र की आड़ में अराजकता फैलाने और जनादेश को चुनौती देने वाली राजनीति का डटकर मुकाबला किया जाएगा। इस बयान के बाद, दिल्ली में सीजेपी द्वारा आयोजित प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित रहा, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित अराजकता को रोकने के लिए तैयारियों की सूचना दी।

No comments:
Post a Comment